चलती रही हवाएं , अब इन्हें रोक पाए कौन भला भरी थी जो गुरुर दिल मे, अब इन्हें अपनाए कौन भला मिलते हैे हर राह पर स्वार्थी, पर इन्हें समझाए कौन भला अहमियत होती क्या है रिश्तों की, अ...
कही राह भूला, कही तुम भूलीं, पर अक्स हमेशा याद रहा। मैं खड़ा रहा, वो खड़ी रही, पर वक्त हमेशा चला रहा । तुम ना पूछों उस बोझ का दर्द, मैं जिसमे अक्सर दबा रहा । कही वक्त खफा, कही तुम खामो...
समझ मे आ जाऊं मैं वो आसान सी कहानी नही, एक प्राचीन सी पहेली हुँ मैं कोई बिगड़ी सी जवानी नही, हु भले इस वक्त एक सवाल सा सुलझ तो जाऊंगा ही लूंगा थोड़ा वक्त भले ही पर सम्भल तो जाऊंगा ...
Bhout badhiya
ReplyDeleteThnku karishma
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