यू तन्हा खयालो में पूरी रात निकल गयी बाकी रह गए जवाब और हर सवाल निकल गयी जिस चांदनी की चाहत में समेटा पूरा दिन और आखिर में वक्त के साथ पूरी कायनात निकल गयी
चलती रही हवाएं , अब इन्हें रोक पाए कौन भला भरी थी जो गुरुर दिल मे, अब इन्हें अपनाए कौन भला मिलते हैे हर राह पर स्वार्थी, पर इन्हें समझाए कौन भला अहमियत होती क्या है रिश्तों की, अ...
कही राह भूला, कही तुम भूलीं, पर अक्स हमेशा याद रहा। मैं खड़ा रहा, वो खड़ी रही, पर वक्त हमेशा चला रहा । तुम ना पूछों उस बोझ का दर्द, मैं जिसमे अक्सर दबा रहा । कही वक्त खफा, कही तुम खामो...
Har din Suraj dhalta Hai
ReplyDeleteHar din ko Roshan bhe krta Hai